टुकड़ों में खुद को पेश किया , नाम तेरे यह वेष किया ;
फिर ना जाने क्या छूट गया ,जो तूने ना trace किया ;
प्रथम वर्ष में इस college के, मिला था मुझको golden chance;
freshers वाली रात में उसको ,पहली बार किया था glance;
search अभियान हुआ शुरू फिर , नाम branch सब पता किया;
दो - तीन दिन में class में उसकी,जासूसों को नियुक्त किया ;
प्रभु दया से सारा system, दो -तीन महिने सही चला ;
कभी lab, तो कभी class के बाहर उसको खड़ा मिला ;
eye contact बहुत हो गया , अब कुछ solid करना था ;
front of her ,friendship को अपनी ,अब promote तो करना था;
library में मिली अकेली ,मैंने कहा जी दोस्ती करलो ;
रुखा सा reply आया ,
नहीं जानती हुँ मैं तुमको , और तुम कहते दोस्ती करलो ;
अब मुशकिल लग रहा था मुझको , प्रेम प्रसंग का extension;
बार -बार ignorance उसका ,दिला रहा hypertension;
कितने पापड़ बेले मैंने ,एक साल होने को आया ;
इधर -उधर से search-वर्च कर ,मैंने उसका नंबर पाया;
नंबर मिला तो b'day आया ,
mid-term की तैयारी छोड़ ,उसके लिए gift बनाया ;
जाने किस मिटटी कि थी वो ,यह भी उसको रास ना आया;
उससे friendship करने खातिर ,
उसकी class के हर बच्चे को मैंने अपना दोस्त बनाया ;
उसकी एक झलक कि खातिर ,
2nd sem के हर paper को ,ढाई घंटे में छोड़ के आया ;
तीन साल हो गए हैं देखो,अब भी हालत वही रही ;
वर्षों पहले भेजी request, आज भी accept नहीं हुई ;
तेरे खातिर career अपना खुद हाथों से crash किया ;
फिर न जाने क्या छूट गया ,जो तूने ना trace किया ;
फिर ना जाने क्या छूट गया ,जो तूने ना trace किया ;
प्रथम वर्ष में इस college के, मिला था मुझको golden chance;
freshers वाली रात में उसको ,पहली बार किया था glance;
search अभियान हुआ शुरू फिर , नाम branch सब पता किया;
दो - तीन दिन में class में उसकी,जासूसों को नियुक्त किया ;
प्रभु दया से सारा system, दो -तीन महिने सही चला ;
कभी lab, तो कभी class के बाहर उसको खड़ा मिला ;
eye contact बहुत हो गया , अब कुछ solid करना था ;
front of her ,friendship को अपनी ,अब promote तो करना था;
library में मिली अकेली ,मैंने कहा जी दोस्ती करलो ;
रुखा सा reply आया ,
नहीं जानती हुँ मैं तुमको , और तुम कहते दोस्ती करलो ;
अब मुशकिल लग रहा था मुझको , प्रेम प्रसंग का extension;
बार -बार ignorance उसका ,दिला रहा hypertension;
कितने पापड़ बेले मैंने ,एक साल होने को आया ;
इधर -उधर से search-वर्च कर ,मैंने उसका नंबर पाया;
नंबर मिला तो b'day आया ,
mid-term की तैयारी छोड़ ,उसके लिए gift बनाया ;
जाने किस मिटटी कि थी वो ,यह भी उसको रास ना आया;
उससे friendship करने खातिर ,
उसकी class के हर बच्चे को मैंने अपना दोस्त बनाया ;
उसकी एक झलक कि खातिर ,
2nd sem के हर paper को ,ढाई घंटे में छोड़ के आया ;
तीन साल हो गए हैं देखो,अब भी हालत वही रही ;
वर्षों पहले भेजी request, आज भी accept नहीं हुई ;
तेरे खातिर career अपना खुद हाथों से crash किया ;
फिर न जाने क्या छूट गया ,जो तूने ना trace किया ;
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